प्रधानमंत्री ने डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केन्द्र का उद्घाटन किया
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नई दिल्ली, 07 दिसम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को यहां 15 जनपथ रोड पर नवनिर्मित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के अध्ययन एवं अनुसंधान केन्द्र का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय केन्द्र की अनावरण पट्टिका के अलावा केंद्र के प्रांगण में अंबेडकर की विशाल खड़ी और भवन के भीतर बैठी प्रतिमा का भी अनावरण किया।
उद्घाटन कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता थावर चंद गहलोत के अलावा रामदास अठावले, कृष्णपाल गुर्जर, अर्जुन राम मेघवाल, विजय गोयल, सांसद मनोज तिवारी, उदित राज, भाजपा नेता श्याम जाजू, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 अप्रैल 2015 को इस केंद्र का शिलान्यास किया था। उन्होंने केंद्र के निर्माण कार्य को दो दशक से अधिक समय तक फाइलों में उलझाने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना करने के साथ ही इसे तय समय में पूरा करने की घोषणा की थी। सरकार ने इसे 2018 तक तैयार करने की समय सीमा तय की थी लेकिन इसे 31 माह और 17 दिन में तैयार कर एक मिशाल पेश की है।
डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र आधुनिक और पारम्परिक वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है। केंद्र में सांची स्तूप तोरण है जो डॉ. अंबेडकर का बौद्ध धर्म के प्रति अनुराग का प्रतीक है। इसमें चैत्य मेहराब बनाने के लिए लाल बलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया गया और चित्रवल्लरी से सुसज्जित है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के डॉ. अंबेडकर केन्द्र को 192 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। 3.25 एकड़ में फैले केंद्र में डॉ. अंबेडकर के जीवन पर अनुसंधान के लिए तो व्यवस्था है ही वहां अति आधुनिक तीन सभा भवनों का निर्माण भी किया गया और उसके प्रांगण में लगभग 5000 लोगों के लिये स्मृति सभाओं के आयोजन का भी स्थान है। इसके अलावा यहां एक विशाल पुस्तकालय भी है। इसके प्रांगण में डॉ. अंबेडकर की एक विशाल मूर्ति बनी है जबकि महात्मा बुद्ध की एक आठ मीटर की मूर्ति बैठी मुद्रा में भी स्थापित है। इसके अलावा केंद्र के भीतर भी डॉ. अंबेडकर की एक विशाल मूर्ति बैठी मुद्रा में है।